छत्तीसगढ़
फर्जी पट्टा और जाली दस्तावेजों से कराते थे आरोपियों की जमानत, 7 गिरफ्तार
Shantanu Roy
12 Sept 2026 10:51 PM IST

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Surguja. सरगुजा। न्यायालय में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपियों की अवैध रूप से जमानत कराने वाले गिरोह का सरगुजा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी किसान पट्टा, जाली आधार कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह जरूरतमंद आरोपियों से पैसे लेकर फर्जी पट्टे और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से न्यायालय को गुमराह कर जमानत कराने का काम करता था।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग न्यायालय में फर्जी पट्टा और आधार कार्ड के जरिए आरोपियों की जमानत कराने के लिए सक्रिय हैं। मुखबिर से मिली सूचना को पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी और नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में थाना कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
कला केंद्र मैदान से पकड़े गए आरोपी
पुलिस टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान सूचना मिली कि कुछ लोग कला केंद्र मैदान के चबूतरे के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
पूछताछ में संदिग्धों की पहचान:
बुधराम गोंड (55 वर्ष), निवासी अजबनगर, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर
अजय मानिकपुरी उर्फ जयलाल (40 वर्ष), निवासी बेलसेंडी, थाना गांधीनगर
रामेश्वरी यादव (30 वर्ष), निवासी लब्जी, थाना गांधीनगर
दशमेत गोंड (40 वर्ष), निवासी अजबनगर, जिला सूरजपुर
ममता पैकरा उर्फ बिलासो (29 वर्ष), निवासी बेलसेंडी, सरगुजा के रूप में हुई।
स्कूटी की डिक्की से मिले फर्जी दस्तावेज
पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की तो उन्होंने अपनी स्कूटी की डिक्की में फर्जी पट्टे रखे होने की जानकारी दी। तलाशी लेने पर स्कूटी क्रमांक CG-15-DU-8688 से पुलिस को 5 नग किसान पट्टा और एक आधार कार्ड मिला। जांच में दस्तावेज प्रथम दृष्टया फर्जी और संदेहास्पद पाए गए। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे इन फर्जी पट्टों के माध्यम से न्यायालय में जमानत कराने के लिए जरूरतमंद लोगों से संपर्क करते थे और उनसे पैसे लेते थे।
पट्टा दलाल और दस्तावेज बनाने वाले भी गिरफ्तार
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फर्जी पट्टा उन्हें अंबिकापुर निवासी राज जायसवाल उपलब्ध कराता था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राज जायसवाल (34 वर्ष), निवासी घुटरापारा अंबिकापुर को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में राज जायसवाल और बुधराम गोंड ने बताया कि फर्जी पट्टा शशिभूषण सिंह निवासी नवापारा अंबिकापुर से बनवाया जाता था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी शशिभूषण सिंह (36 वर्ष), निवासी नवापारा अंबिकापुर को भी गिरफ्तार कर लिया।
लैपटॉप, प्रिंटर सहित सामग्री जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
5 नग फर्जी किसान पट्टा
फर्जी आधार कार्ड
6 नग मोबाइल फोन
1 होंडा एक्टिवा स्कूटी
1 लैपटॉप
2 प्रिंटर
कीबोर्ड और माउस
जब्त किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 639/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2), 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना जान-पहचान के किसी व्यक्ति को जमानत के लिए अपना पट्टा या ऋण पुस्तिका उपलब्ध न कराएं। आरोपी के फरार होने की स्थिति में संबंधित दस्तावेज जब्त किए जा सकते हैं। पुलिस ने कहा कि ऐसे फर्जीवाड़े से बचने के लिए नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। जिले में न्यायालय और प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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